Habiburrahman Azmi Ki Hadeesi Khidmaat

شیخ حبیب الرحمن الاعظمیؒ اور احادیث پران کی خدمات

مقالہ نگار: امداداللہ امیرالدین مئوی قاسمی خادم التدریس جامعہ مفتاح العلوم، مئو ای میل: [email protected] ہندوستان میں علم حدیث کا آغاز سرزمین ہند، جو قرونِ اولی ہی سے احادیث شریفہ کے زمزموں سے آشنا، اور بہت سے محدثین کا گہوارہ بن چکی تھی،لشکر اسلام کی معیت میں آنے والے محدثین عظام کے فیوض سے یہ […]

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Uoonch Neech

ऊँच-नीच, छूत-छात Uooch Neech Thhoot Chhaat

लेखक : सय्यद अबुल आला मौदूदी   असमानता, छूत-छात या ऊँच-नीच किसी भी समाज के लिए घुन के समान है, कोई भी देश जो इस रोग में ग्रस्त हो, न तो सुख-शान्ति का घर बन सकता है और न ही वास्तविक उन्नति प्राप्त कर सकता है, बल्कि ऐसा देश पारस्परिक दुश्मनी, घृणा और स्वार्थपरता जैसे घातक रोगों का ग्रास बन […]

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Ek Eeshwar Waad

एकेश्वरवाद Monotheism In Hindi

सृष्टि और कायनात की रचना एवं इसमे कार्यरत सुव्यवस्था पर विचार अथवा चिंतन करने से सर्वप्रथम सत्य यह सामने आता है कि सृष्टिकर्ता कायनात का स्वामी और जगत का नियन्ता ईश्वर अपने अस्तित्व तथा गुणों मे एक और अकेला है। यदि ब्रहमाण्ड के स्वामी, नियामक और नियन्ता एक से अधिक होते तो इसमे अव्यवस्था होती […]

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Muaata Imam Malik Ek Mutala

موطا امام مالک تحقیق مصطفی اعظمی ایک سرسری مطالعہ

بسم اللہ الرحمن الرحیم موطا امام مالک تحقیق ڈاکٹر محمد مصطفی اعظمی ایک سرسری مطالعہ بقلم: مفتی شمس الرحمن صاحب قاسمی استاذ حدیث وفقہ جامعہ اسلامیہ مظفر پور اعظم گڑھ امام دارالہجرۃ مالک بن انس رحمہ اللہ امام مالک ائمہ متبوعین میں دوسرے بڑے امام ہیں ،امام دار الہجرت لقب ہے، سلسلہٴ نسب یوں ہے: […]

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Hazrat Mohd Sab Ke Liye

हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) सबके लिए

लेखक: डा0  मुहम्मद अहमद   हजरत मुहम्मद (सल्ल0) सबके लिए’’ मात्र एक आकषर्क नारा और मुसलमानों का दावा नही हैं, बल्कि एक वास्तविक, व्यावहारिक व ऐतिहासिक तथ्य है। ‘सबके लिए’ का स्पष्ट अर्थ हैं ‘सार्वभौमिक, सार्वकालिक एवं सर्वमान्य होना’। सार्वभौमिकता के परिप्रेक्ष्य में, हजरत मुहम्मद (सल्ल0) के, भारतवासियों का भी पैगम्बर होने की धारणा तकाजा […]

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Musalman Maans Kyu Khate Hain

मुसलमान मांस क्यों खाते हैं?

बहुत सारे लोगों की तरफ से अब यह प्रश्न उठाया जाता है कि जानवरों की हत्या एक क्रूर निर्दयतापूर्ण कार्य है तो फिर मुसलमान मांस क्यों खाते हैं? उसका उत्तर यह है कि: शाकाहार ने अब संसार भर में एक आन्दोलन का रूप ले लिया है। बहुत से लोग तो इसको जानवरों के अधिकार से […]

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Kya Islam Talwar Se Phaila Hai

क्या इस्लाम तलवार से फैला है?

कुछ गै़र-मुस्लिम भाइयों की यह आम शिकायत है कि इस्लाम को शान्ति का धर्म कैसे कहा जा सकता है, जबकि यह तलवार से फैला है? संसार भर में इस्लाम के मानने वालों की संख्या लाखों में भी नहीं होती यदि इस धर्म को बलपूर्वक नहीं फैलाया गया होता। निम्न बिन्दु इस तथ्य को स्पष्ट कर […]

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Poorn Janam Ka Sidhdhaant

आवागमनीय पुनर्जन्म का सिद्धान्त

 इस मान्यता के अनुसार वर्तमान जगत मे जितने भी प्राणी हैं उन्हें दो प्रकार की योनियों मे बाँटा गया है: कर्म योनि तथा भोग योनि। मानव योनि कर्म योनि हैं। शेष योनियाँ भोग योनि की श्रेणी मे आती हैं। वनस्पति, पशु, पक्षी, कीट आदि सब भोग योनि हैं, अर्थात पुर्व जन्म मे इनके कर्म ऐसे […]

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Quran Ki shikshaye

कुरआन की नैतिक शिक्षाएं

माता पिता का आदर और आज्ञा पालन {وَقَضَى رَبُّكَ أَلَّا تَعْبُدُوا إِلَّا إِيَّاهُ وَبِالْوَالِدَيْنِ إِحْسَانًا إِمَّا يَبْلُغَنَّ عِنْدَكَ الْكِبَرَ أَحَدُهُمَا أَوْ كِلَاهُمَا فَلَا تَقُلْ لَهُمَا أُفٍّ وَلَا تَنْهَرْهُمَا وَقُلْ لَهُمَا قَوْلًا كَرِيمًا} [الإسراء: 23] अनुवाद: ‘‘और माता-पिता के साथ सदव्यवहार करते रहा करो। यदि उनमें एक या दोनो बुढ़ापे को पहुंच जाएं तो उनको ‘उफ’ […]

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Islam ka Itihaas

इस्लाम का इतिहास

इस्लाम का नामकरण संसार में जितने भी धर्म हैं, उनमें से हर एक का नाम या तो किसी विषेश व्यक्ति के नाम पर रखा गया हैं या उस जाति के नाम पर जिसमें वह धर्म पैदा हुआ। मिसाल के तौर पर ईसाई धर्म का नाम इस लिए ईसाई धर्म हैं कि उसका सम्बन्ध हज़रत ईसा (अलैहि0) […]

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